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Zindagi

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Abhi dum nikla nahi
Thoda aur chalne do
Hawao ka rukh badla nahi
Tufaan ko aane do

Maine haar maani nahi
kashti mein hun sawar
Abhi saas baaki hain
Doob jaane do patwar

Door kinara ho sahi
Main chalang laga du
Tairna sikha nhi magar
Samandar ko dubaa dun

Kinare pahuchna mumkin
hai Magar itna zaruri nahi
Kyunki
Zindagi samundar mein hai
Kinhi kinaro mein nhi…

Written by
Shilpi Chauhan Sinha

Love Shayari

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लबो की यह तमन्ना है ,

की लफ्जों में नहीं रुकना,

यह चाहत है लबो की अब

इन्हें युही नहीं थमना

की यह हकीक़त है सुनने में

लगेगा  तुमको अफसाना

मोहब्बत में यूँ ठहरे है

लगे हर तरफ, विराना

यूँ चाहत में उनकी खोये

की हर महफ़िल से हुए रवाना ‘

लगे हर बेरंग सी मेहफिल में

सजने लगे कोई तराना

हमे महसूस करना है

यह मन, क्यूँ बहकता है

की हर साज़ में यह दिल

जाने क्यूँ महकता है

यह मोहब्बत है इबादत है

या कोई और अफ़साना

बिना सोचे या  समझे ही

नहीं बनता कोई तराना

Will Fight My Destiny Unto Death

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 बड़ी दूर दिखती है ज़िन्दगी की खुशियाँ

हमने जलाई हर पल गमो की लड़ियाँ 

 
जाने कब किस दौर में ख़त्म होगा इंतज़ार
 
अब तो उम्र का हर मोड़ होता बेकरार
 
 
इन्तेहाँ हो चली सोचते सोचते यह बात
 
ज़िन्दगी की हर बाज़ी में क्यूँ खाई मात
 
 
 ख़त्म हो चुका हर आस पर से विश्वास
 
जीने की तमन्ना भी नहीं आती अब रास
 
 
येही नियति है अगर, और है येही किस्मत
 
तो जानलो इसमें भी जी लुंगी मरते दम तक                                                                                                                                                       
                                                                                                                                                     

 

True Love’s Journey

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न चाहत जगाओ अब सोने दो मुझे   

इस चाहत में बिगड़े थे सपनो के किले  

ना फैसला किया न सोचा यह दिल                                                                                                                                 

बस बनाता गया मुझे उनके काबिल                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                       

 

 

जो टूटे इस कदर रिश्तों भरे वादे 

सपनो  में सजोये थे जो उनसे मिलके,
 
की हुए बेपरवाह वो  क्यूँ  इस तरह

ना मैं  समझी ना मेरी वफ़ा 
 
 
क्या इस दिन के लिए ही चाहा था मुझे
 
जो इश्वर की कसम भी न रोक पाई तुम्हे

यू बीच मझदार छोड़ मुझे जब चल दिए,
 
 हर लम्हा हर वक़्त तन्हाई के मैंने जिए 
 
 
जब भूल चुकी थी चाहत की परिभाषा,

तब आकर किसीने मेरा हाथ थामा

हैरान थी मैं यह सोच-सोच कर,

क्या मुस्कुरा पाऊँगी कभी इन आंसूओ को पोछकर 
 
 
पर यूँ  किसिंने आकर बदल दिए चाहतों के मायेंने,
 
जो न सपनो में थे ना कभी अनजाने 

कैसे सबकुछ मेरा तुमने बाँट लिया,

हर दुःख भरा लम्हा मेरा तुमने छाँट लिया 
 
 
तुमने चाह्त को मेरी दिया एक नया मोड़,

मेरे दुःख के हर लम्हे को दिया तुमने तोड़ 

सब दे दिया इस चाह्त से भी आगे बड़के, 

अपनी दुनिया में बसाने, इस समाज से लड़के
 
 
 
इस कश्ती में सवार न जो होते तुम, 

जाने किन तुफानो में हो जाती मैं गुम

इस भीड़ में आकर नज़रो से तुमने संभाला,

नज़रो से ही पहनाई मैंने मिलन की वरमाला 

 

 

जो तुम न होते, तो क्या मैं होती

और जो ना होते, तो क्या सपने संजोती,

बस इस चाह्त भरे ख्वाब को खुली आँखों से देखती,

सच हो सब सपने, मेरे दिल की  हर आवाज़ कहती 

 

 

कोई बंधन अब इतना नहीं मूल्यवान,

ना साथ रहने में ही लिखे सब समाधान

हर जनम का साथी वो सिर्फ मेरा है,

साथ उसके ही जीवन का हर सवेरा है

 

 

अब तो डर भी नहीं, ना बंदिश कोई, 

चाहतो के प्यार भरे साये में, मैं खोयी

जो तुम हो तो सब कुछ है पास,

जो तुम न हो ,तो न हो कोई आस

 

 

हर जीवन के पल में रहे साथ तुम्हारा,

इस नदी की लहरों को मिले किनारा 

येही बात और येही जज़्बात,

जोड़े हमे हमेशा एकसाथ

 

 

 मेरे प्यारे सनम मेरे भोले सनम 

तुमको देती मैं आज प्यार की कसम 

कि साथ निभाने का दे दो मुझे वचन 

इस जनम से अब हर जनम

Mehfil e Zindagi

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यह ज़िन्दगी की महफ़िल ….

 

अब कहाँ ….

शाम ए महफिले सजा करती है

हर तरफ बदरंग सी कोई नुमाइश लगती है

ना कहीं सुर है ना कोई साज़

हर तरफ सिने में छुपा रहा कोई राज़

 

क्यूंकि …

 

दिखावा करती यह दुनिया बरसो से चली

दिखावे के बिना अब कहाँ कोई शाम ढली

दिखावो में सिमटा हुआ हमसफ़र

दिखावटी ज़िन्दगी का छोटा सफ़र

 

इस …

 

चकाचौन्द में डूबा हुआ मन

हुआ बोझिल सा हर अन्तरंग

किसे देखे किसे बताये

की इस मन की क्या है आशाए

 

क्यूंकि

 

ना अब फुर्सत ना कोई विरासत

क्यूँ दे कोई अब अपना वक्त

किसको परवाह, कौन हो तुम

ढूँढेगा कौन हो गए अगर गुम

 

तो

 

यह महफिले ए ज़िन्दगी है जनाब

समझाना छोड़ दीजिये इसको ख्वाब

हकीकत है यही बयान कर चुके हम

इस दुनिया में नहीं हर कोई सनम

 

इसलिए

 

रिश्ते नाते वफ़ा या मोहब्बत

ना बनो इनमे किसी के भी भक्त

लगाओ मन प्रभु के चरणों में

नहीं रहा कुछ बाकी अब  झूठी कसमो में

Love For He’s Her

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तुम जी सकोगे कैसे, किसी को दुःख देकर ,

 

की तुम जी सकोगे कैसे, किसी को दुःख देकर

और मन में यह राज़ कैसे जीयोगे साथ लेकर

 

की ज़िन्दगी युही नहीं, बीत जाती है बिताने भर से,

अफ़साने छुप नहीं जाते, ज़माने से नज़रे चुरालेने में

 

अब तो गैरो की बाँहों में भी ले लेते होगे तुम पनहा

जला लेते होगे शाम ऐ महफ़िल में, अपनी कोई नयी शमा

 

अफ़सोस कुछ भी नहीं तेरे जीने के ढंग से मुझे

पर जलन है की, दर्द लेके भी, क्यूँ याद है तू मुझे

 

ज़िन्दगी में बस और कुछ नहीं चाहत तुझको लेकर

बस परवाह है उस शमा की जो होगी तेरी सेज पर

 

फिकर है उस ओज की जो बुझती होगी हर लम्हा

दुःख देकर जीए तू, क्यूँ होता नहीं खुद फ़ना

 

Sher o Shayari

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अर्ज़ है ..

 

लबो की यह तमन्ना है ,

की लफ्जों में नहीं रुकना,

यह चाहत है लबो की अब

इन्हें युही नहीं थमना

 

की यह हकीक़त है सुनने में

लगेगा  तुमको अफसाना

मोहब्बत में यूँ ठहरे है

लगे हर तरफ विराना

 

क्यूँ चाहत में खोये रहते

समझ में यह नहीं आता’

क्यूँ हर बेरंग सी  मेहफिल में

सजने  लगे  कोई तराना

 

हमे महसूस करना है

यह मन क्यूँ बहकता है

की हर साज़ में यह दिल

जाने क्यूँ महकता है
यह मोहब्बत है मोहब्बत है

या कोई और फ़साना

बिना सोचे या  समझे ही

नहीं बनता कोई तराना