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Questions ?

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I cannot stop by putting a dot

for questions contemplating a blot

for me or anything of mine

past , future or in this time

 

am no more what i used to be

not even the memory you have of me

so i cannot answer the way you remember

of irritation or signs of acute anger

 

i have discharged myself from actions

and grown out of those empty questions

that tried and tested my nerves then,

but now with the light of the little Zen

 

i give away the desire to answer

or even the nerve’s to transfer

the feelings that you wish to create

inside me of gloom or hate.

 

plase try to ‘watch’ my dear friend

am not following the experineced trend 

its just that i have changed something

about who i was, to i am Nothing.

 

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Love For He’s Her

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तुम जी सकोगे कैसे, किसी को दुःख देकर ,

 

की तुम जी सकोगे कैसे, किसी को दुःख देकर

और मन में यह राज़ कैसे जीयोगे साथ लेकर

 

की ज़िन्दगी युही नहीं, बीत जाती है बिताने भर से,

अफ़साने छुप नहीं जाते, ज़माने से नज़रे चुरालेने में

 

अब तो गैरो की बाँहों में भी ले लेते होगे तुम पनहा

जला लेते होगे शाम ऐ महफ़िल में, अपनी कोई नयी शमा

 

अफ़सोस कुछ भी नहीं तेरे जीने के ढंग से मुझे

पर जलन है की, दर्द लेके भी, क्यूँ याद है तू मुझे

 

ज़िन्दगी में बस और कुछ नहीं चाहत तुझको लेकर

बस परवाह है उस शमा की जो होगी तेरी सेज पर

 

फिकर है उस ओज की जो बुझती होगी हर लम्हा

दुःख देकर जीए तू, क्यूँ होता नहीं खुद फ़ना